यूपी के मुस्लिम गांव पर पुलिस और पीएसी के हमले के बाद लोगों में भय, घरों के बाहर लिखा “मकान बिकाऊ है”

70 साल के जमीर खान के भतीजे की कार को पुलिस ने तोड़ दिया. 26 और 27 मई की दरम्यानी रात को पुलिस, पीएसी और मुखबिरों ने शामली के टपराना गांव में हमला कर गांव वालों को पीटा और उनके घरों का सामान तोड़ दिया.
कारवां के लिए शाहिद तांत्रे
70 साल के जमीर खान के भतीजे की कार को पुलिस ने तोड़ दिया. 26 और 27 मई की दरम्यानी रात को पुलिस, पीएसी और मुखबिरों ने शामली के टपराना गांव में हमला कर गांव वालों को पीटा और उनके घरों का सामान तोड़ दिया.
कारवां के लिए शाहिद तांत्रे

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के मुस्लिम बहुल टपराना गांव में करीब 50 मुस्लिम घरों के बाहर चिपके पर्चों पर लिखा है :

यह मकान बिकाऊ है. हम पुलिस और उसके मुखबिर द्वारा की गई तोड़-फोड़ से पीड़ित हो कर गांव से पलायन करने पर मजबूर हैं.

हमारे बच्चे और औरतें मानसिक तौर पर पीड़ित हो कर गांव छोड़ने पर मजबूर हैं."

90 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इस गांव के इन घरों में चिपके पर्चों की वजह 26 और 27 मई की दरम्यानी रात में घटी वह घटना है जिसमें लगभग 200 पुलिस, प्रादेशिक सशस्त्र बल (पीएसी) और मुखबिरों ने गांव पर हमला कर लोगों को पीटा और घरों का सामान तोड़ दिया. जिन लोगों को पुलिस ने पीटा उनमें एक 13 साल की बच्ची और एक 30 साल का मानसिक रूप से कमजोर नौजवान हैं.

26 मई को हुए पुलिस के इस हमले के कुछ पहले गोकशी के आरोप में जिलाबदर चल रहे दो भाई 55 साल के अफजाल और 52 साल के मुल्ला उर्फ इमरान के गांव में होने की खबर पाकर झिंझाना थाने से पुलिस ने आकर छापा मारा था और दोनों को गिरफ्तार करके का प्रयास किया था. घटना के संबंध में पुलिस ने 27 मई को सुबह 5.38 बजे जो एफआईआर दर्ज की है उसमें लिखा है, “जैसे ही हम पुलिस वाले दोनों अभियुक्तों को लेकर चलने लगे तो अचानक मोहल्ले व गांव के सैकड़ों लोग चिल्लाते हुए हाथों में लाठी, डंडे लेकर पुलिस की तरफ दौड़ पड़े.” एफआईआर में लिखा है कि पुलिस ने जब लोगों को “बताया कि हम थाना झिंझाना की पुलिस हैं तो गांव वाले और उत्तेजित व उग्र हो गए” और “पुलिस वालों पर रास्ते के दोनों ओर व छतों से ईंट-पत्थरों की बौछार करने लगे” और “जान से मारने की नीयत से पुलिस वालों पर फायरिंग करने लगे.” पुलिस की उक्त रिपोर्ट में 43 लोग नामजद हैं और करीब 80-90 को अज्ञात बताया गया है. आरोपियों के वकील नफीज खान ने हमें बताया है कि गिरफ्तार गांव वाले जेल में हैं और 19 जून को जमानत याचिका में सुनवाई होगी.

रिपोर्ट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि गांव वालों के हमले में पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त हो गई और दो सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार और अनिल कुमार सोलंकी गंभीर रूप से घायल हो गए “और भीड़ गिरफ्तारशुदा अभियुक्त मुल्ला उर्फ इमरान और अफजाल को भी छुड़ा कर ले गई.” रिपोर्ट में आगे लिखा है कि बाद में एक और पुलिसकर्मी “पीआरवी एचजी 2167 चालक राजीव भी गंभीर रूप से घायल हो गया” और “तीनों घायलों को वाहन की व्यवस्था कर अस्पताल भिजवाया गया.”

सुनील कश्यप कारवां में डाइवर्सिटी रिपोर्टिंग फेलो हैं.

शाहिद तांत्रे कारवां के सहायक फोटो संपादक हैं.

Keywords: Muslims in India Adityanath Yogi Adityanath Uttar Pradesh Police
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