नवरीत सिंह की मौत : चश्मदीदों, परिजनों का आरोप कि पुलिस की गोली से हुई मौत, विशेषज्ञों ने भी कहा बुलेट जैसा घाव, लेकिन पुलिस कर रही इनकार

05 फ़रवरी 2021
26 जनवरी को दिल्ली में हुई किसानों की रैली में नवरीत सिंह की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है.
साभार : इंद्रजीत सिंह
26 जनवरी को दिल्ली में हुई किसानों की रैली में नवरीत सिंह की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है.
साभार : इंद्रजीत सिंह

दो चश्मदीदों और परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी को दिल्ली में किसान रैली में गोली लगने से उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय किसान नवरीत सिंह की मौत हुई है. चश्मदीदों ने कारवां को बताया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नवरीत पर गोली चलाते हुए देखा और जिसके बाद उसका ट्रैक्टर पलट गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नवविवाहित की मौत "एंटीमॉर्टम सिर की चोट के कारण" हुई. नवरीत के दादा हरदीप सिंह डिबडिबा ने अपने पोते के शव को देखा था और आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट गलत है. उनका कहना है, बंदूक की गोली लगने से हुए जख्मों को दर्ज करने के बावजूद इसमें मौत की संभावित वजह के रूप में गोली लगने का जिक्र नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने चश्मदीदों और परिवार के आरोपों का खंडन किया है. दिल्ली के मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने कारवां को बताया कि "कोई गोली नहीं चलाई गई थी." पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए डीसीपी ने कहा कि इसमें मौत का कारण साफ दर्ज है. बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्होंने घटना के विवरण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने से इनकार कर दिया.

उत्तर प्रदेश के रामपुर में जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा तैयार की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट यह निष्कर्ष निकालती है कि मौत का कारण "एंटीमॉर्टम सिर की चोट के परिणामस्वरूप झटका और रक्तस्राव" है. 13 साल से पोस्टमॉर्टम के एक फोरेंसिक विशेषज्ञ, जो देश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक के सीनियर रेसिडेंस डॉक्टर हैं, ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की. विशेषज्ञ के अनुसार डॉक्टरों द्वारा दर्ज की गई चोटों के लिए एकमात्र संभावित स्पष्टीकरण यह है कि नवरीत को दो गोलियां लगीं.

रिपोर्ट में दर्ज की गई पहले दो एंटेमॉर्टम चोटों में " 2x1सेमी की [दाहिने] भौं के कोने में गहरी हड्डी" का एक गहरा घाव और मुंह के बाएं कोण के नीचे ठोड़ी के बाईं ओर "2x1सेमी" का एक अन्य घाव है.” पहले घाव का "मार्जिन उलटा है" और दूसरे में "मार्जिन उलटा है और हड्डी गहरी है," रिपोर्ट में कहा गया है.

रिपोर्ट में दर्ज पहली चोट का उल्लेख करते हुए विशेषज्ञ ने कहा कि "जब बल बाहर से अंदर की ओर होता है, तो मार्जिन उलटा होता है," इसलिए यह "गोली घुसने का घाव भी हो सकता है." विशेषज्ञ के अनुसार दूसरी चोट भी गोली का घाव हो सकती है. फोरेंसिक विशेषज्ञ ने बताया, "जो चीज मेल खाती है, वह यह है कि दोनों चोटें एक ही आकार की हैं, 2x1सेमी, दोनों में मामूली अंतर है, दोनों गहरी हड्डी तक हैं. तो यह शायद एक ही हथियार या बंदूक से हो... दूर से गोली लगने से" हुआ है.

अतुल देव कारवां के स्‍टाफ राइटर हैं.

अर्शु जॉन कारवां के सहायक संपादक (वेब) है. पत्रकारिता में आने से पहले दिल्ली में वकालत कर रहे थे.

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