भोपाल और इंदौर में कोरोना प्रकोप के लिए राज्य का राजनीतिक संकट जिम्मेदार : डॉ. आनंद राय

25 अप्रैल 2020
विकिमीडिया कॉमन्स
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मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी बहुत तेजी से फैल रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार 24 अप्रैल तक राज्य में इस संक्रमण से होने वाली मृत्यु की दर देश में सबसे ज्यादा 4.88 प्रतिशत है. यहां कोरोनावायरस के 1699 मामलों में 83 लोगों की मौत हुई है.

जिस वक्त देश के सभी राज्य महामारी से लड़ने की तैयारी कर रहे थे उस वक्त राज्य में राजनीतिक घमासान मचा हुआ था. देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के ठीक एक दिन पहले यहां बीजेपी ने कांग्रेस की सरकार गिरा दी. इसके बाद कैबिनेट मंत्री नियुक्त करने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक महीना लग गया. 21 अप्रैल को चौहान ने पांच कैबिनेट मंत्री नियुक्त किए और एक दिन बाद नरोत्तम मिश्रा को राज्य का स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया.

इस महामारी का सबसे बुरा असर राज्य के शहर इंदौर में देखा जा रहा है. 24 अप्रैल तक यहां कुल 945 पुष्ट मामले थे और 53 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी थी.

21 अप्रैल को स्वतंत्र पत्रकार विद्या कृष्णन ने राज्य में महामारी के बढ़ते प्रकोप पर इंदौर के मेडिकल ऑफिसर आनंद राय से बात की. राय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पैनल में हैं और राज्य की कोविड-19 प्रतिक्रिया टीम का हिस्सा हैं. साथ ही वह व्यापमं घोटाले को उजागर करने वाले ह्विसल ब्लोअर में से एक हैं.  

विद्या कृष्णन स्वास्थ्य मामलों की पत्रकार हैं और गोवा में रहती हैं. एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा पर उनकी पहली किताब 2020 में प्रकाशित होगी.

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