कारवां के कार्यकारी संपादक ने लिखा ब्रिटेन और कनाडा सरकार को पत्र, कहा मतविरोधियों को भारत सरकार और संघ बता रहे जनता का दुश्मन

17 जुलाई 2019
लंदन में आयोजित विश्व मीडिया सम्मेलन के दौरान कारवां के कार्यकारी संपादक डॉ. विनोद के जोस (एकदम बाएं).
शहीदुल आलम/ड्रिक/मेजोरिटी वर्ल्ड
लंदन में आयोजित विश्व मीडिया सम्मेलन के दौरान कारवां के कार्यकारी संपादक डॉ. विनोद के जोस (एकदम बाएं).
शहीदुल आलम/ड्रिक/मेजोरिटी वर्ल्ड

10 और 11 जुलाई को ब्रिटेन और कनाडा सरकार ने लंदन में मीडिया स्वतंत्रता पर विश्व सम्मेलन का आयोजन किया था. इस सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के 1500 से अधिक मंत्रियों, राजनयिकों, नेताओं, न्यायाधीशों, शिक्षाविदों और पत्रकारों ने भाग लिया. कारवां के कार्यकारी संपादक विनोद जोस को धर्म और मीडिया पर आयोजित चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था. उस चर्चा में जोस ने दीर्घ अ​वधि की धार्मिक असहिष्णुता के कारण भारत के अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति बढ़ती हिंसा जो मुस्लिमों और दलितों की भीड़ द्वारा की जाने वाली हत्या की बढ़ती घटनाओं में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं, पर बात की. जोस ने बताया कि एक हद तक अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति घृणा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और हिन्दुत्व विचारधारा की शिक्षाओं का नतीजा है.

जोस की प्रस्तुति के बाद प्रसार भारती के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश ने आरोप लगाया कि जोस गलत जानकारी दे रहे हैं. दर्शक दीर्घा से सूर्य प्रकाश ने कहा कि जोस की प्रस्तुति से भारत की छवि धूमिल हुई है. लेकिन प्रस्तुति को गलत बताने के बावजूद वह कोई गलती नहीं दिखा सके. कई भारतीय मीडिया संस्थानों ने श्री प्रकाश की टिप्पणी को आधार बनाकर रिपोर्ट छापी जिसमें दावा किया गया कि सूर्य प्रकाश ने जोस की टिप्पणी की निंदा की है. परंतु किसी भी संस्थान ने रिपोर्ट पर जोस की प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं किया.

जोस ने सम्मेलन के आयोजकों को पत्र लिख कर इस घटना से अवगत कराया है और भारत में मीडिया की स्वतंत्रता और मतविरोधियों के अधिकारों के हालातों पर प्रकाश डाला है. नीचे पेश है जोस का लिखा पत्र :

प्रति,

जेरेमी हंट
विदेश मंत्री
ब्रिटेन सरकार

विनोद के जोस द कैरवैन के कार्यकारी संपादक हैं.

Keywords: Rashtriya Swayamsevak Sangh media freedom Indian journalism BJP Hindutva mob lynching minority
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