कारवां के पत्रकार अहान पेनकर पर दिल्ली पुलिस के हमले पर भारतीय समाचार पत्र सोसायटी का बयान

17 अक्टूबर 2020

16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कारवां के पत्रकार अहान पेनकर से साथ रिपोर्टिंग के दौरान मारपीट की. दिल्ली पुलिस के एसीपी अजय कुमार ने मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन परिसर में अहान को लात -घूंसों से मारा. अहान पेनकर की नाक, कंधे, पीठ और एड़ी पर चोटें लगी हैं. पुलिस ने उनके साथ मारपीट इस बात के बावजूद की कि पेनकर ने उन्हें बताया था कि वह एक पत्रकार हैं. उन्होंने अपना प्रेस आईडी भी पुलिस को दिखाया था. पुलिस ने जबरदस्ती पेनकर का फोन छीन लिया और रिपोर्टिंग के दौरान बनाई गए वीडियो डिलीट कर दिए. दिल्ली पुलिस ने उन्हें चार घंटे तक कैद में भी रखा.

उत्तर दिल्ली में एक युवती के साथ कथित तौर पर बलात्कार और बाद में उसकी हत्या के मामले की रिपोर्टिंग करने पेनकर वहां पहुंचे थे. जब पेनकर वहां पहुंचे तो इस मामले की एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने वाले कई छात्र और कार्यकर्ता मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन के बाहर जमा थे.

पेनकर ने खुद पर हुए हमले की शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव से की है. इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (भारतीय समाचार पत्र सोसायटी) ने वक्तव्य जारी कर पेनकर पर हुए हमले की निंदा की है और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है. नीचे प्रस्तुत है आईएनएस का उक्त बयान.

भारत की संपूर्ण प्रिंट मीडिया फ्रटर्निटी की ओर से भारतीय समाचार पत्र सोसायटी (आईएनएस) के अध्यक्ष एल अदिमूलम कारवां के पत्रकार अहान पेनकर पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के हमले की निंदा करते हैं. पेनकर पर हमला तब हुआ जब वह अपने पेशवर दायित्व का पालन कर रहे थे.

भारतीय समाचार पत्र सोसायटी दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और संबंधित प्राधिकरणों से अपील करती है कि वह इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें और पत्रकारों के लिए ऐसा महौल सुनिश्चित करें जिसमें वे बिना किसी डर और व्यवधान के अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम हों.

Keywords: The Caravan Journalists' arrest
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