141 नए 'अयोध्या' की तलाश में संघ परिवार

31 जनवरी 2019
अयोध्या पर्व के मौके पर संघ विचारक राम बहादुर राय ने कहा कि अयोध्या के आसपास राम की पौराणिकता से जुड़े 141 या अधिक जगहों की पहचान की जा रही है. पर्व में दिखाए गए चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के मॉडल में ऐसे 80 स्थान चिन्हित किए थे.
रफकट प्रोडक्शन
अयोध्या पर्व के मौके पर संघ विचारक राम बहादुर राय ने कहा कि अयोध्या के आसपास राम की पौराणिकता से जुड़े 141 या अधिक जगहों की पहचान की जा रही है. पर्व में दिखाए गए चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के मॉडल में ऐसे 80 स्थान चिन्हित किए थे.
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बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के मामले का फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है लेकिन आरएसएस और उससे जुड़ा संगठन, विश्व हिंदू परिषद, मामले को अयोध्या से बाहर निकाल कर, 250 किलोमीटर में फैले चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के जरिए हिंदुत्व की दूसरी प्रयोगशाला गढ़ने में लगे हैं. 2019 के चुनावों से कुछ महीने पहले आरएसएस के विचारक राम बहादुर राय ने इस संवेदनशील मुद्दे को हवा दी है.  

अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह के नेतृत्व में, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित सरकारी संस्था आईजीएनसीए, प्रज्ञा संस्थान और शंखध्वनि ने, 4 से 6 जनवरी 2019 को तीन दिवसीय ‘अयोध्या पर्व’ का आयोजन किया गया. इस पर्व में अयोध्या की पौराणिक जगहों और पत्थरों पर खुदे शिलालेखों की सचित्र प्रदर्शनी लगाई गई. पहले कार्यक्रम का उद्घाटन परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर उनकी जगह कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आए. इस अवसर पर नेहरू मेमोरियल लाईब्रेरी बोर्ड के सदस्य राम बहादुर राय ने यह कहकर सनसनी मचा दी कि अयोध्या के आसपास राम की पौराणिकता से जुड़े 141 या अधिक जगहों की पहचान की जानी बाकी है और हमें अयोध्या को अवध की सेकुलर संस्कृति के चश्मे से देखने की जरुरत नहीं है. राय, हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के समूह संपादक और आईजीएनसीए के अध्यक्ष भी हैं. उनकी इस घोषणा के वक्त राम जन्मभूमि न्यास परिषद के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास और विहिप के उपाध्यक्ष चपंत राय भी मौजूद थे. राय ने कहा, "अवध और अयोध्या में फर्क है. अवध की संस्कृति नेहरू की सेक्युलर संस्कृति की लाइन में है, इतिहास की नासमझी की लाइन में है." उन्होंने आगे कहा कि इन 141 स्थानों के बारे में "देश, दुनिया, और समाज को जानना चाहिए". राय आगे कहते हैं कि इस बड़ी अयोध्या के बारे में यहां के सांसद लल्लू सिंह ने जानकारी दी थी.

दावा किया जा रहा है कि ये सभी स्थान चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर हैं (एक कोस यानि 3.2 किमी). धार्मिक मान्यता है कि पौराणिक राजा दशरथ की अयोध्या चौरासी कोस में फैली थी और राम सहित दशरथ के परिवार से जुड़े पौराणिक स्थल इस सीमारेखा में मौजूद हैं. चौरासी लाख योनियों में भटकने से बचने के उद्देश्य से श्रद्धालु चैत पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा के बीच अयोध्या से 20 किमी उत्तर स्थित बस्ती जिले के मखौड़ा धाम से परिक्रमा यात्रा की शुरुआत करते हैं. पांच जिलों में पड़ने वाले 21 पड़ावों को पार करते हुए फिर ये मखौड़ा धाम पहुंच कर अपनी यात्रा समाप्त करते हैं.

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    सुशील कुमार स्वतंत्र पत्रकार हैं.

    Keywords: Ram temple Ayodhya Babri Masjid Chaurasi Kosi Parikrama Marg RSS VHP Nitin Gadkari
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