मोदी के किए की कीमत भारतीयों की एक पूरी पीढ़ी को चुकानी पड़ेगी : आशीष नंदी

21 जून 2019
सोनू मेहता/हिंदुस्तान टाइम्स/गैटी इमेजिस
सोनू मेहता/हिंदुस्तान टाइम्स/गैटी इमेजिस

एजाज अशरफ- आप एक राजनीतिक मनोविश्लेषक हैं. इस लिहाज से 2019 के चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत को आप कैसे समझते हैं?

आशीष नंदी- जिस तरह का काम इन लोगों ने 5 सालों में किया था उससे मुझे उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी को इतनी बड़ी जीत हासिल होगी. मुझे लगता है कि इन लोगों ने आक्रामक शैली में प्रचार अभियान चलाया जिसके बूते यह जीत हासिल हुई. इन पांच सालों में इनके सामने केवल चुनाव था और सारे काम इसे ही ध्यान में रख कर किए गए. इस वजह से इनके पास कुछ और करने का वक्त ही नहीं था. बीजेपी के चुनाव अभियान का एक जरूरी भाग मोदी को भारत का तारणहार दिखाना था.

एजाज अशरफ- क्या हम इस जीत को बदलते भारत की छाया की तरह देख सकते हैं?

आशीष नंदी- मेरे लिए यह शर्म की बात है कि बीजेपी का चुनाव प्रचार और उसकी जीत हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर से उधार लिए गए राज्य के सिद्धांत पर आधारित है. यह सिद्धांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच पर लंबे समय से हावी रहा है.

एजाज अशरफ- सावरकर की राज्य की अवधारणा क्या थी?

एजाज अशरफ दिल्ली में पत्रकार हैं.

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