जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने छेड़ा जमीन जेहाद का शगूफा लेकिन सिर मुंडाते ही पड़े ओले

12 मार्च 2021
जम्मू संभाग में पुंछ जिले का एक दृश्य. नवंबर 2020 में अदालत के निर्देशों के बाद,जम्मू और कश्मीर दोनों के संभागीय आयुक्तों के कार्यालयों ने उन लोगों की सूची अपलोड की जिन्होंने अवैध रूप से राज्य की भूमि पर कब्जा कर लिया था.
आशुतोष शर्मा
जम्मू संभाग में पुंछ जिले का एक दृश्य. नवंबर 2020 में अदालत के निर्देशों के बाद,जम्मू और कश्मीर दोनों के संभागीय आयुक्तों के कार्यालयों ने उन लोगों की सूची अपलोड की जिन्होंने अवैध रूप से राज्य की भूमि पर कब्जा कर लिया था.
आशुतोष शर्मा

जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों और कुछ मामलों में उनके रिश्तेदारों को सरकार द्वारा प्रकाशित सूची में राज्य की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के रूप में दर्ज किया गया है. 9 अक्टूबर 2020 को जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने रोशनी अधिनियम, जिसे औपचारिक रूप से जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि (कब्जाधारी के लिए स्वामित्व का अधिकार) अधिनियम 2001 के रूप में जाना जाता है, को असंवैधानिक घोषित कर दिया था. 2001 में फारूक अब्दुल्ला सरकार के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने रोशनी अधिनियम पारित किया था जिसमें राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि को उन लोगों को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव था जिनका पहले से ही जमीन पर कब्जा था और जो इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क अदा करने को तैयार थे. इसका उद्देश्य बिजली के लिए चल रही उर्जा-परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए संसाधन तैयार जुटाना था. उच्च न्यायालय ने अब अधिनियम के तहत किए गए सभी भूमि हस्तांतरण को अवैध घोषित कर दिया है. साथ ही केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को उन लोगों की (जिन्होंने अधिनियम के तहत राज्य की भूमि प्राप्त की थी और अवैध तथा अनधिकृत कब्जे वाली राज्य की जमीन) की सूची तैयार करने का निर्देश दिया. अदालत ने इन सूचियों को "अतिक्रमणकारियों की पूरी पहचान के साथ" एक आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट करने के लिए कहा है.

बीजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने अदालत के फैसले को "भूमि जिहाद" पर "सर्जिकल स्ट्राइक" बताया. उनके शब्दों के चयन का अर्थ था कि मुख्य रूप से मुसलमानों ने रोशनी अधिनियम के तहत लाभ उठाया था. नवंबर में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रोशनी भूमि योजना को "भारत का सबसे बड़ा भूमि घोटाला" कहा था.

24 नवंबर को अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए जम्मू और कश्मीर दोनों के डिवीजनल कमिश्नरों के कार्यालयों ने रोशनी अधिनियम के तहत लाभांवित होने वाले और सामान्य रूप से राज्य की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों की अलग-अलग सूची अपलोड की. विडंबना यह है कि दस्तावेजों से पता चलता है कि बीजेपी के नेता या तो रोशनी योजना के तहत भूमि के लाभार्थी रहे हैं या भूमि अतिक्रमणकारियों की सूची में शामिल हैं. 2011 में जमीन हथियाने के मामलों की जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले एक वकील शेख शकील अहमद के अनुसार सूचियां यह भी बताती हैं कि रोशनी अधिनियम के बहुसंख्यक लाभार्थी जम्मू में हैं और गैर-मुस्लिम हैं. सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए और 9 अक्टूबर के अदालत के आदेश में दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 604602 कनाल भूमि को जम्मू और कश्मीर में रोशनी अधिनियम के तहत आवंटित किया गया था. एक कनाल एक एकड़ के लगभग आठवें हिस्से के बराबर होता है. इसमें से 571210 कनाल जम्मू में और केवल 33392 कनाल कश्मीर में आवंटित किए गए थे. भूमि लाभार्थियों के विवरण से बीजेपी के "भूमि जिहाद" की कहानी का पर्दाफाश होता है.

जम्मू संभागीय आयुक्त की वेबसाइट पर अपलोड की गई एक सूची में कहा गया है कि “कविंदर गुप्ता” ने जम्मू जिले की भलवाल तहसील के घिनक गांव में 39 कनाल भूमि का अतिक्रमण किया. हालांकि इस सूची में "अवैध रूप से रहने वाले के पेशे" को "किसान" के रूप में दर्ज किया गया है. कविंदर ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किया है. "अगर मेरे अवैध कब्जे के तहत कोई ऐसी भूमि है, तो मामले की जांच होनी चाहिए," उन्होंने मुझे बताया. "लोग जानते हैं मेरी छवि साफ है." उन्होंने दावा किया कि सूची कहती है कि "कविंदर गुप्ता और बेटे," जबकि उनका केवल एक बेटा है. हालांकि सूची में कहा गया है कि “कविंदर गुप्ता और ओआरएस” यानी अन्य.

जम्मू संभागीय आयुक्त की वेबसाइट पर पोस्ट की गई रोशनी योजना से लाभ पाने वाले लोगों की सूची में बीजेपी के एक अन्य नेता रणबीर सिंह पठानिया के पिता का भी उल्लेख है. रणबीर जम्मू संभाग में रामनगर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं. सूची में दर्ज किया गया है कि उनके पिता बूपिंदर सिंह ने उधमपुर जिले की मजल्टा तहसील में केहल गांव में 970 रुपए में 9 कनाल भूमि प्राप्त की.

आशुतोष शर्मा फ्रीलांस पत्रकार हैं.

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