यूपी के लखीमपुर खीरी के कहार युवक ने कहा, "ब्राह्मणों ने हैंडपंप से पानी भरने पर मार डाला पत्नी को"

कश्यप के अनुसार जिन आदमियों ने उनकी बीवी की हत्या की वे पहले भी गरीबों को बहुत सताते रहे हैं. हत्या के आरोपी तीनों के नाम हैं- सुनील मिश्रा, अनिल मिश्रा और सुशील मिश्रा.
कारवां के लिए शाहिद तांत्रे
कश्यप के अनुसार जिन आदमियों ने उनकी बीवी की हत्या की वे पहले भी गरीबों को बहुत सताते रहे हैं. हत्या के आरोपी तीनों के नाम हैं- सुनील मिश्रा, अनिल मिश्रा और सुशील मिश्रा.
कारवां के लिए शाहिद तांत्रे

लखीमपुर खीरी के थाना पसगवां गांव बरनीइया में पिछले साल 5 सितंबर को तीन ब्राह्मण पुरुषों ने कहार जाति की 30 वर्षीय गर्भवती शालू की हत्या कर दी. शालू के पति मनोज कश्यप ने बताया कि उन तीन पुरुषों ने उनकी बीवी और उन्हें सरकारी पंप से पानी लेने के चलते मारा था. मारपीट में उनकी पांच महीने की गर्भवती पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. मनोज ने दावा किया कि उनके साथ मारपीट उनकी जाति के कारण की गई थी लेकिन पुलिस ने हत्या और मारपीट का कारण आपसी झगड़ा दर्ज किया है.

मनोज मजदूरी करते हैं और शालू सिलाई का काम किया करती थीं. मनोज ने बताया कि वह अपनी बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से बीमार भाई के साथ एक कमरे के मकान में रहते हैं और घर के एकमात्र कमाने वाले हैं.”

कश्यप के अनुसार उनके गांव में बस उनका ही परिवार ब्राह्मण नहीं है. उन्होंने बताया, “हमारे गांव में 200 ब्राह्मण परिवार रहते हैं. ये लोग संख्या में ज्यादा हैं इसलिए हमेशा दबंगई करते हैं. वे सोचते हैं कि हम उनके घरों में काम करें, उनके लिए पानी भरें. उनको इस बात से गुस्सा आता है कि मनोज उनके घर में काम नहीं करता. इस वजह से हम यहां दबकर रहते हैं.”

कश्यप के अनुसार जिन आदमियों ने उनकी बीवी की हत्या की वे पहले भी गरीबों को बहुत सताते रहे हैं. हत्या के आरोपी तीनों के नाम हैं- सुनील मिश्रा, अनिल मिश्रा और सुशील मिश्रा. कश्यप ने बताया कि शालू की हत्या से दो हफ्ते पहले “अनिल के बेटे ने मुझे चप्पल से मारा था और जब मैंने उससे कहा कि वह मुझे क्यों मार रहा है, तो उसकी मां भी मुझसे झगड़ा करने लगी और वह कहने लगी कि यह तुम्हारे बाप की जगह नहीं है.” कश्यप के अनुसार, “उस दिन हमारी इतनी ही बात हुई थी और मुझे नहीं पता था कि ये लोग हत्या करने की हद तक चले जाएंगे.”

कश्यप ने 5 सितंबर की घटना के बारे में कहा कि उनके घर का नल नहीं चल रहा था तो वह नहाने और पीने का पानी लेने सरकारी हैंडपंप पर गए थे जो हत्या के आरोपियों के घर के सामने वाली सड़क पर लगा था. “वह पंप उनकी जमीन पर नहीं है और उस सरकारी पंप से सभी पानी भरते हैं. आप किसी को मना नहीं कर सकते लेकिन इन दबंग लोगों ने पहले से ही झगड़ा करने का मन बना रखा था. उनके बच्चे ने मेरे साथ फिर से बदतमीजी की और उसकी मां भी वहीं मौजूद थी और वह हमें बुरा भला कहने लगी.”

सुनील कश्यप कारवां में डाइवर्सिटी रिपोर्टिंग फेलो हैं.

शाहिद तांत्रे कारवां के सहायक फोटो संपादक हैं.

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