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बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नजदीक भाषण दिया. उस भाषण के महज कुछ घंटों के भीतर, मिश्रा ने हथियारबंद भीड़ के साथ दो किलोमीटर दूर कर्दमपुरी इलाके पर हमला कर दिया.
उपरोक्त बात दिल्ली पुलिस में दर्ज दो लोगों की शिकायत में कही गई है. जाफराबाद मेट्रो स्टेशन में कपिल मिश्रा ने नागरिकता संशोधन कानून (2019) का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को आंदोलन स्थल से हट जाने की धमकी दी थी. शिकायतकर्ता ने बताया है कि 23 फरवरी की दोपहर में मिश्रा ने कर्दमपुरी में भड़काऊ भाषण दिया था और मुस्लिम और दलित आंदोलनकारियों पर हमला करने के लिए भीड़ को उकसाया था. एक शिकायतकर्ता ने कपिल मिश्रा पर आरोप लगाया है कि वह भीड़ को उकसाते हुए हवा में बंदूक लहरा रहे थे. तीसरी शिकायत में कहा गया है कि मिश्रा के भाषण के बाद पुलिस वालों ने चांदबाग में आंदोलनकारियों पर हमला किया. शिकायतकर्ता ने लिखा है कि जैसे ही पुलिस ने हमला शुरू किया उन्होंने सहायक कमिश्नर को मिश्रा को फोन पर आश्वासन देते हुए सुना, “चिंता मत करिए, हम सड़कों पर इनकी लाशें बिछा देंगे. ये लोग पुस्तों तक इसे नहीं भूलेंगे.”
दिल्ली पुलिस के समक्ष कपिल मिश्रा सहित कई बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. फरवरी और मार्च में उत्तर पूर्व दिल्ली के लोगों ने शिकायत की थी कि वे लोग बीजेपी के नेताओं और उनके समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के गवाह है. कारवां के पास ऐसे कई लोगों की शिकायतें हैं. इन शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय और कई पुलिस स्टेशनों को भी भेजी हैं. शिकायतों की पावतियों में शिकायत लेने वाले कार्यालयों या पुलिस स्टेशनों की मोहरें लगी हैं. कई शिकायतों में एक से ज्यादा मोहरें लगी हैं. जिन अन्य बीजेपी नेताओं के नाम शिकायतों में हैं, वे हैं, उत्तर प्रदेश के बागपत के बीजेपी सांसद और पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश के लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर, दिल्ली के करवाल नगर के विधायक मोहन सिंह बिष्ट और मुस्तफाबाद के पूर्व एमएलए जगदीश प्रधान. हिंसा से पहले संपन्न हुए दिल्ली चुनाव में जगदीश प्रधान हार गए थे.
एक शिकायत मिश्रा के भाषण के एक दिन बाद, यानी 24 फरवरी को ही दायर की गई थी. उस शिकायत में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के कार्यालय, गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालयों की मोहरें लगी हैं.
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