झारखंड पुलिस ने तबलीगी जमात में शामिल बताकर 37 को किया क्वारंटीन, 27 ने कहा नहीं गए दिल्ली

07 अप्रैल 2020
31 मार्च को क्वारंटीन केंद्र में ले जाने के लिए आई बस की तरफ जाते जमाती. झारखंड पुलिस ने राज्य के 37 लोगों की सूची जारी कर कहा है कि ये सभी तबलीगी जमात में शामिल हुए थे लेकिन इनमें से 27 लोगों ने दावा किया है कि वे हाल में दिल्ली गए ही नहीं.
मनीष स्वरूप/एपी फोटो
31 मार्च को क्वारंटीन केंद्र में ले जाने के लिए आई बस की तरफ जाते जमाती. झारखंड पुलिस ने राज्य के 37 लोगों की सूची जारी कर कहा है कि ये सभी तबलीगी जमात में शामिल हुए थे लेकिन इनमें से 27 लोगों ने दावा किया है कि वे हाल में दिल्ली गए ही नहीं.
मनीष स्वरूप/एपी फोटो

30 मार्च को झारखंड पुलिस की विशेष शाखा या स्पेशल ब्रांच ने 37 लोगों की एक सूची जारी की जिनके बारे में उसका दावा है कि ये लोग दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात के धार्मिक सम्मेलन में शामिल होकर बीते सात दिनों में झारखंड आए हैं. विशेष शाखा पुलिस अधीक्षक (आसूचना) के हस्ताक्षर वाली इस सूची में लिखा है, “प्राप्त सूचनानुसार संलग्न सूची में उल्लेखित व्यक्ति नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में धार्मिक सम्मेलन/तबलीग जमात में शामिल होकर विगत 07 दिनों के अंदर लौटे हैं. सत्यापित कर उक्त व्यक्तियों की आवश्यक मेडिकल जांच पश्चात आवश्यक कार्रवाई अपेक्षित है.” सूची के साथ जारी पत्र में इन 37 लोगों के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं.

कारवां ने सूची में शामिल सभी 37 लोगों से संपर्क किया और 28 लोगों से बात की. इनमें से 27 लोगों के मुताबिक कोई दो, तो कोई एक-डेढ़ साल पहले दिल्ली गया था. कुछ को तो दिल्ली गए 4-5 साल गए. लेकिन झारखंड पुलिस की विशेष शाखा ने इन सभी को बीते हफ्ते ही लौटकर आने वाला बताया है.

स्पेशल ब्रांच ने इन लोगों (नाम, पता और फोन नंबर सहित) की सूची जिले के सभी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, धनबाद, जमेशदपुर, डीजीपी, एडीजी समेत संबंधित सभी वरीय अधिकारियों व पदाधिकारियों को भेजी है.

13 से 15 मार्च तक दिल्ली के निजामुद्दीन मकरज में तबलीगी जमात का धार्मिक सम्मेलन हुआ था जिसमें कई देशों से मुस्लिम शामिल हुए थे. इसी में कई कोविड-19 यानी नोवोल कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए. मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि तबलीगियों के संपर्क में आकर सैकड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं. झारखंड स्पेशल ब्रांच के मुताबिक जिस 37 लोगों को सूचीबद्ध किया है वे इसी धार्मिक सम्मेलन में शामिल होकर वापस झारखंड लौटे हैं.

सूची में नाम आए लोगों में झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के 42 वर्षीय बेटे तनवीरुल हसन भी हैं, जिनके बारे में मंत्री समेत परिवार के अन्य सदस्यों का दावा है कि 1992 के बाद से वह दिल्ली गए ही नहीं हैं. इस बारे में हसन के भाई, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते, का कहना है, “मेरा भाई दिल्ली गया ही नहीं है, लेकिन उसका नाम दे दिया गया. किसने दिया कोई पता नहीं है. यह एक साजिश है हम लोगों के खिलाफ.”

मो. असग़र खान रांची, झारखंड के फ्रीलांस पत्रकार है. द वायर, न्यूज़लांड्री और अन्य मीडिया संस्थानों में लिखते हैं.

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