अयोध्या में वीएचपी के फेल हाने के बाद आरएसएस ने बनाया नया मंच

राम मंदिर निर्माण पर बीजेपी की उदासीनता के चलते अयोध्या के साधुओं का गुस्सा 23 अक्टूबर को खुलकर सामने आ गया. प्रवीण तोगड़िया की अगुवाई में साधुओं ने विवादित भूमि में प्रवेश करने का प्रयास किया और पुलिस के साथ भिड़ गए.
दीपक गुप्ता/हिंदुस्तान टाइम्स/गैटी इमेजिस
राम मंदिर निर्माण पर बीजेपी की उदासीनता के चलते अयोध्या के साधुओं का गुस्सा 23 अक्टूबर को खुलकर सामने आ गया. प्रवीण तोगड़िया की अगुवाई में साधुओं ने विवादित भूमि में प्रवेश करने का प्रयास किया और पुलिस के साथ भिड़ गए.
दीपक गुप्ता/हिंदुस्तान टाइम्स/गैटी इमेजिस

बड़ी संख्या में अयोध्या के साधु बीजेपी से नाराज हैं क्योंकि 2014 के लोक सभा चुनावों में वादा करने के बावजूद भी बीजेपी राम मंदिर निर्माण के काम में तेजी नहीं दिखा रही है। 23 अक्टूबर को साधुओं का गुस्सा अयोध्या की सड़कों पर दिखाई दिया। उस दिन विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया की अगुवाई में साधुओं ने विवादित बाबरी मस्जिद-राम जन्भूमि परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए बैरिकेड तोड़े और पुलिस से भिड़ गए। वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने नाराज साधुओं को मनाने के लिए एक नया संगठन बनाया है।

इस संगठन का नाम श्री राम मंदिर निर्माण सहयोग मंच है जो 31 अक्टूबर को साधुओं की बड़ी सभा का आयोजन करने वाला है जिस का लक्ष्य संघ परिवार और स्थानीय धार्मिक नेताओं के बीच की दूरियों को कम करना है। आरएसएस के प्रचारक से साधु बने और अब मंच के राष्ट्रीय संयोजक महिराज ध्वज ने बताया, ‘‘संत सम्मेलन में एक हजार से अधिक साधु भाग लेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सम्मेलन सभी भ्रमों को दूर करेगा और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निमार्ण का रास्ता खोलेगा।’’

पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट में चल रही बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले की सुनावई के साथ साथ मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाने के लिए इस मंच की स्थापना हुई। आरएसएस की संरचना में मंच को मुस्लिम जनता को हिन्दुत्व के घेरे के भीतर लाने वाले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अधीन रखा गया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार हैं जो मंच के मुख्य संरक्षक भी हैं (कट्टर हिन्दू नेता असीमानंद ने कबूल किया था कि इंद्रेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का आशीर्वाद उन श्रृंख्लाबद्ध बम धमाकों के लिए मिला था जिसके आरोप में असीमानंद पर मुकदमा चल रहा था।)

ध्वज मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक भी हैं, बताते हैं कि मंच ‘‘जनता का संगठन’’ है जिसे ‘‘समान सोच वाले संगठनों का समर्थन प्राप्त है।’’ उन्होंने कई समर्थक संगठनों ने नाम लिए- विश्व हिन्दू परिषद, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, राष्ट्रीय एकता मंच, मसीह मित्र मंच, भारत तिब्बत सहयोग मंच, हिमालय परिवार, सनातन सभा, श्री जगन्नाथ सेवा समिति, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच और भ्रष्टाचार मुक्ति आंदोलन। ये सभी आरएसएस के शाखा संगठन हैं।

मंच की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ महिनों में अयोध्या के साधुओं की नाराजगी ने राम जन्मभूमि आंदोलन के इस गढ़ में ही बीजेपी की रणनीति को कमजोर कर दिया है। इसके अलावा यह उस वक्त हो रहा है जब साधुओं को मोबलाइज करने वाले आरएसएस के उग्र संगठन विश्व हिंदू परिषद को बीजेपी की तरह अयोध्या में आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है।

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