यह चुनाव मोदी 2014 बनाम मोदी 2019 होगा : तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव

25 फ़रवरी 2019

पूर्व में बहुराष्ट्रीय कंपनी के कर्मचारी रहे संजय यादव, फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के चुनावी रणनीतिकार हैं. साथ ही वे पार्टी के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार भी हैं. हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के रहने वाले संजय की तेजस्वी से मुलाकात 2012 में हुई. इसके थोड़े ही दिनों बाद वे उनके सलाहकार बन गए. 2015 में बिहार में हुए विधान सभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के लिए उनको श्रेय दिया जाता है. 2010 के विधान सभा चुनावों में 22 सीट जीतने वाली आरजेडी, 2015 में 80 सीट जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई. हाल में ही राज्य में महागठबंधन के चुनाव अभियान की रूपरेखा बनाने में भी वे सक्रिय थे. बिहार में महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं.

कारवां के स्टाफ राइटर सागर ने संजय से आरजेडी में उनके काम और आगामी लोक सभा चुनावों में पार्टी की रणनीति के बारे में बातचीत की. संजय ने बताया कि अपने जीवन के शुरू में ही उन्हें पता चल गया था कि “समाज की किसी भी समस्या का समाधान राजनीति से ही होता है. यहां तक कि किसी इलाके में बनने वाले नाले के लिए भी नेता से संपर्क करना पड़ता है.” संजय ने आरक्षण के मामले में पार्टी के हाल के स्टेंड पर भी बात की. राज्य के अलग अलग इलाकों के अपने दौरों में, तेजस्वी यादव सरकारी नौकरियों में 90 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं. आरजेडी ने हाल में ही रिजर्व श्रेणी से इतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का विरोध किया था. पार्टी ने यह भी वादा किया है कि चुनाव जीतने पर वह एससी, एसटी और ओबीसी को जनसंख्या में उनके अनुपात के हिसाब से आरक्षण देगी. संजय ने बिहार में सीटों के बंटवारे और ओबीसी को आकर्षित करने के लिए बीजेपी के प्रयासों का मुकाबला करने की योजना पर बात की.

सागर— आप आरजेडी के चुनावी रणनीतिकार कैसे बने?

संजय यादव— जब तेजस्वी यादव क्रिकेट खेल रहे थे तब मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम कर रहा था. हमारे कॉमन दोस्तों के जरिए हम मिले. इन मीटिंगों के बाद हम लोगों ने तय किया कि तेजस्वी क्रिकेट छोड़ कर पूरा वक्त राजनीति में लगाएंगे. 2012 में उन्होंने मुझसे भी नौकरी छोड़ कर पार्टी में जुड़ने को कहा. जब हम दोनों ने बात करनी शुरू की, उस वक्त आरजेडी की अपनी वेबसाइट तक नहीं थी. ऐसे में सोशल मीडिया एक्सपर्ट रखने की बात हो ही नहीं सकती थी. हम लोगों ने आरजेडी की वेबसाइट बनाई. मैं और तेजस्वी फेसबुक और ट्वीटर पर सक्रिय हुए और बाद में लालू जी ने भी अपना ट्वीटर खाता खोला. हमने साथ मिलकर पार्टी को नए प्रकार से संगठित करना आरंभ किया. इस दौरान हमने सीखा, विकास किया और आरजेडी के युवा कार्यकर्ताओं से जमीनी रूप से जुड़ने की रणनीति तैयार की.

सागर— वर्ष 2019 के आम चुनावों में आपकी रणनीति क्या होगी? पार्टी के उस संयंत्र के बारे में बताएं जो इस रणनीति को लागू करेगा.

सागर कारवां के स्‍टाफ राइटर हैं.

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