कांग्रेस नहीं दिखना चाहती ‘मुस्लिम' पार्टी, राजस्थान में मीओ मुसलमानों की अनदेखी

06 दिसंबर 2018

25 नवंबर को पीएम मोदी ने राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इसी से उन्होंने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के अपने अभियान की शुरुआत की थी. उनके साथ स्टेज पर बीजेपी के विवादित नेता ज्ञानदेव अहूजा थे, जो रामगढ़ से पार्टी के विधायक हैं.

अहूजा ने गोरक्षकों का समर्थन किया है और उन्हें पैसों से मदद करने का भी दावा किया है. अहूजा ने कहा था, “यदि कोई गाय की तस्करी करता है और उसे मारता है तो उसको मार दिया जाएगा.” उन्होंने यह बयान दिसंबर 2017 की एक घटना के बाद दिया था जिसमें एक आदमी को कथित गो तस्करी के लिए पीटा गया था. विधानसभा चुनावों में टिकट दिए जाने से इनकार किए जाने के बाद उन्होंने हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था और एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दायर किया था. फिर इसे वापस ले लिया और बीजेपी के राज्य उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद फिर से पार्टी में शामिल हो गए. एक भगवा कुर्ता और रंगीन साफा पहने हुए अहूजा भाषण के बाद प्रधानमंत्री के पास पहुंचे. मोदी ने उनका हाथ पकड़ लिया, कंधा थपथपाया और मंच छोड़ने से पहले उन्हें संबोधित किया. मूछों वाले विधायक मुस्कुराए और भीड़ की तरफ जीत का संकेत लहरा दिया. मेरे बगल में खड़े बीजेपी समर्थक राजवीर धुडी ने अहूजा को अलवर के हिंदू समुदाय का "गर्व" बताया. उन्होंने कहा, “रामगढ़ का बब्बर शेर है.”

राजस्थान के किसान अधिकार कार्यकर्ता और राजनीतिक पर्यावेक्षक दशरथ कुमार ने राजस्थान के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा, “अलवर में खास आदमी ज्ञानदेव आहूजा हैं न कि वसुंधरा (राजे). मंच पर उन्हें आमंत्रित करके मोदी ने ये संदेश दिया है कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के साथ कोई दिक्कत नहीं जिसने हिंदुओं और मुस्लिमों के ध्रुवीकरण में भूमिका निभाई है. अलवर में गायों और लिंचिंग के मुद्दों पर वोटिंग होगी.” राजस्थान में सात दिसंबर यानी कल वोटिंग होना है.

दिल्ली से 150 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित पूर्वोत्तर राजस्थान के अलवर जिले में कई मीओ लोगों का घर है जो कि पारंपरिक रूप से मेवात में बसा मुस्लिम समुदाय है- इस क्षेत्र में राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिले और हरियाणा के नुहं जिले का कुछ हिस्सा शामिल है. 2011 की जनगणना के मुताबिक अलवर की आबादी का 14.9 प्रतिशत हिस्सा मुसलमानों का है जो कि राज्य की 9 प्रतिशत की औसत से अधिक है. डाटा-जर्नलिज्म वेबसाइट इंडियास्पेन्ड द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों में गोरक्षा समूह द्वारा या गोमांस सेवन और मवेशी तस्करी की अफवाहों पर पुलिस की शूटिंग के कारण मेवात में कम से कम छह मौतें हुई हैं. इस क्षेत्र में भारत में गाय से संबंधित हिंसा की सबसे ज्यादा उग्रता देखने को मिली है.

2013 के राज्य चुनावों में बीजेपी ने अलवर में 11 विधानसभा क्षेत्रों में से 9 में और 2014 के आम चुनाव में उन्होंने अलवर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी. लेकिन इस साल की शुरुआत में हुए उपचुनाव में कांग्रेस से बीजेपी ये सीट हार गई जिससे लगा कि इस हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी से लोगों का भ्रम टूट रहा है. राजस्थान के लिए बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र 27 नवंबर को सीएम राजे और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा जारी किया गया. 2013 के घोषणापत्र के विपरीत इसमें मुसलमानों के लिए एक भी कल्याणकारी योजना का उल्लेख नहीं है, पिछली बार इसमें समुदाय के लिए 12 वादे शामिल थे. इसके अलावा पार्टी ने टोंक से सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार यूनूस खान को मैदान में उतारा है. मिओ समुदाय को ये बात आसानी से स्वीकार्य है कि मुसलमानों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को लेकर बीजेपी उदासीन है. अलवर और भरतपुर के बीच की मेरी यात्रा में समुदाय के कई लोगों ने मुझे बताया कि वे पार्टी के लिए वोट नहीं करेंगे. हालांकि, मीओ समुदाय की सुरक्षा और रोजगार को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी समुदाय को दुखी और परेशान किया है. हालांकि, कई मीओ समुदाय के जिन सदस्यों से मैंने बात की उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस को वोट देंगे लेकिन वे नहीं चाहते थे कि पार्टी इसे अपना समर्थन मान ले.

तुषार धारा करवां में रिपोर्टिंग फेलो हैं. तुषार ने ब्लूमबर्ग न्यूज, इंडियन एक्सप्रेस और फर्स्टपोस्ट के साथ काम किया है और राजस्थान में मजदूर किसान शक्ति संगठन के साथ रहे हैं.

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