अंजना ओम कश्यप : समाचारों की खिलाड़ी

हिंदी समाचार टेलीविजन की स्टार एंकर अंजना ओम कश्यप की प्रोफाइल

फोटो : ऋषि कोछड़, चित्रण : गिरीश
फोटो : ऋषि कोछड़, चित्रण : गिरीश

(एक)

जैसे ही हम नोएडा में इंडिया टुडे कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे, हमें आजतक की एक्जीक्यूटिव एडिटर अंजना ओम कश्यप टेलीविजन समाचारों की बदहाली को लेकर चिंतित दिखीं. वह तेजी के साथ बिल्डिंग की खचाखच भरी कैंटीन की तरफ मुड़ीं, अंजना ने कहा कि “जिस तरह की बातें वे कह रहे हैं, आप इस तरह से स्पष्ट बातें नहीं कह सकते, यह पत्रकारिता नहीं है.”

22 अगस्त को जब दोपहर के बाद मेरी टैक्सी इंडिया टुडे कॉम्प्लेक्स के गेट पर रुकी, तब कश्यप ने गर्मजोशी से स्वागत करने के साथ ही माफी मांगते हुए कहा था कि उन्हें अपने बुलेटिन के लिए देर हो रही है. कश्यप ने कहा, “यह ब्रेकिंग चिदंबरम के बारे में हैं, आप जानती ही हैं कि यह सब कैसा होता है.”

कॉम्प्लेक्स की लॉबी में चमचमाती ट्रॉफियों से भरा एक कैबिनेट था जो इंडिया टुडे के पत्रकारों के काम की ढींगें हांक रहा था. इनमें से तीन कम से कम कश्यप के नाम की थीं, जो संभवत: उनकी रिपोर्टों या उनके शो के लिए मिली हों. जिस वक्त मैं इंतजार कर रही थी, मेरे बगल में बैठा एक पेशेवर जनसंपर्क अधिकारी, संस्थान के ही एक सुस्त से नजर आ रहे पत्रकार को एक के बाद एक स्टोरी आइडिया दे रहा था. फिर तुरंत ही उस पत्रकार की जगह दूसरा आ गया और मेहरबान जनसंपर्क अधिकारी ने उसे कारों की बिक्री में भारी गिरावट की पिच और बेबी-पिंक क्रोक से नवाज दिया. अधिकारी ने कहा कि उसके ग्राहक, जो लक्जरी कारों के कारोबार में हैं, इस विषय पर किसी भी स्टोरी में अपना योगदान दे सकते हैं, निश्चित रूप से यह योगदान उनके “अपने ब्रांड के कुछ उल्लेख के साथ” होना था. पत्रकार अपनी टीम के साथ इस रिपोर्ट पर काम करने के लिए राजी हो गया.

दो दिन पहले, 20 अगस्त को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में, कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. चिदंबरम ने फैसले की तत्काल समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली, लेकिन अदालत ने सुनवाई की तारीख कुछ दिन बाद की दी. उस शाम जब केंद्रीय जांच ब्यूरो के कर्मचारी उनके दिल्ली स्थित घर पर पहुंचे, तो चिदंबरम का कहीं अता-पता नहीं था. अगले दिन चिदंबरम खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए, कांग्रेस मुख्यालय में नजर आए. यह बेहद नाटकीय घटनाक्रम था. इसके कुछ ही घंटों बाद सीबीआई के अधिकारियों ने उनके घर की दीवार फांदकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

निकीता सक्सेना कारवां की स्‍टाफ राइटर हैं.

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