ग्रीनपीस इंडिया के खातों पर ईडी ने लगाई रोक, कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल

25 जनवरी 2019
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रीनपीस इंडिया के प्राथमिक बैंक खातों पर रोक लगा दी है. इसके बाद ये संस्था अपने काम का पुनर्गठन कर रही है.
साभार ग्रीनपीस
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रीनपीस इंडिया के प्राथमिक बैंक खातों पर रोक लगा दी है. इसके बाद ये संस्था अपने काम का पुनर्गठन कर रही है.
साभार ग्रीनपीस

ग्रीनपीस इंडिया पर्यावरण से जुड़ा एक एनजीओ है. निकट भविष्य में इसे अपने भारतीय काम और स्टाफ में 50 प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ेगी. अक्टूबर 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने इस संस्था के प्राथमिक बैंक खातों पर पाबंदी लगा दी थी. पाबंदी के कुछ महीने बाद यह जानकारी सामने आई है. संस्था के जिन कर्मचारियों से मेरी बात हुई उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई ने संस्था पर भारी आर्थिक दबाव डाला है. संस्था अपने कर्मचारियों को वेतन देने की स्थिति में नहीं है और अपने काम को पुनर्गठित कर रही है. संस्था पर कार्रवाई करने वाली ईडी, वित्त मंत्रालय के अंदर आती है.

ग्रीनपीस के भारत में करीब 60 कर्मचारी हैं और संस्था कम से कम 30 लोगों की कटौती कर सकती है. इसके कर्मचारियों के मुताबिक संस्था के कैंपेन (अभियान), प्रबंधन, वित्त, मानव संसाधन जैसे विभागों से लोगों को कम किया जाना है. वायु प्रदूषण, नविकरणीय ऊर्जा, पावर सेक्टर उत्सर्जन और खेती से जुड़े इसके अभियनों को भी झटका लगेगा.

ग्रीनपीस के कर्मचारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर कहा कि संस्था इससे भी अधिक की कटौती कर सकती है. कर्मचारी ने कहा की हद से हद 15 लोगों को रखा जा सकता है. उसने बताया कि ग्रीनपीस के ऑफिस को आधिकारिक तौर पर “बंद” नहीं किया जाएगा लेकिन वास्तविकता में इसका काम रुक सकता है.

ग्रीनपीस इंडिया के क्लाइमेट और एनर्जी के कैंपने मैनेजर नंदिकेश शिवलिंगम ने कहा, “हमारे ऊपर लगातार हो रहे हमलों की वजह से हम सैलरी देने की स्थिति में नहीं हैं इसलिए लोग जाने के लिए मजबूर हैं. हालांकि, इनमें कुछ स्वयंसेवक के तौर पर संस्था को अपना समय दे रहे हैं. पुनर्गठन प्रक्रिया में हमारे ज्यादातर कैंपेन को छोटा करना पड़ेगा, हालांकि अभी हम इसके तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं.”

ग्रीनपीस के खिलाफ उठाया गया कदम कई एनीजओ पर की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. इस कार्रवाई की जद में एनजीओ के अलावा ऐसे समाजसेवी और सिविल सोसाइटी समूह भी आए हैं जो सरकार और उसकी विकासशील नीतियों के आलोचक हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया की सहायक संस्था को भी ऐसे ही निशाना बनाया गया है. सरकार ने इसके खातों पर रोक लगा दी है. इसकी वजह से संस्था को कम से कम 70 कर्मचारी कम करने पड़े.

तुषार धारा करवां में रिपोर्टिंग फेलो हैं. तुषार ने ब्लूमबर्ग न्यूज, इंडियन एक्सप्रेस और फर्स्टपोस्ट के साथ काम किया है और राजस्थान में मजदूर किसान शक्ति संगठन के साथ रहे हैं.

Keywords: Greenpeace India Enforcement Directorate environment NGO
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