लखनऊ के केजीएमयू ने मास्क के लिए डॉक्टरों की वेतन कटौती का प्रस्ताव विरोध के बाद लिया वापस

30 मार्च 2020
केजीएमयू के आइसेलेशन वार्ड में तैयारी कर रही अस्पताल की स्वास्थ्य कर्मी.
साभार : असद रिज़वी
केजीएमयू के आइसेलेशन वार्ड में तैयारी कर रही अस्पताल की स्वास्थ्य कर्मी.
साभार : असद रिज़वी

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्रशासन ने थ्री लेयर सर्जिकल मास्क खरीदने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन से कटौती करने का अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है. वहां के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा प्रस्ताव का विरोध करने के बाद केजीएमयू प्रशासन को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा 27 मार्च 2020 को वेतन कटौती के लिए भेजा गया प्रस्ताव वापस लेना पड़ा है.

केजीएमयू में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण या पीपीई की मांग कर रहे हैं. 26 मार्च को कारवां में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया था कि केजीएमयू के रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने 23 मार्च को विश्वविद्यालय के उपकुलपति को पत्र लिख कर बताया था कि केजीएमयू के विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे रेसिडेंट डॉक्टर कोरोनावायरस से संभावित संक्रमण वाले मरीजों सहित अन्य मरीजों की जांच बिना पीपीई के कर रहे हैं. एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राहुल भरत और महासचिव डॉ. मोहम्मद तारिक अब्बास के हस्ताक्षरों वाले उस खत में लिखा था कि “आपसे हमारी प्रार्थना है कि काम के स्वास्थ्य वतावरण और (संक्रमण) के सामुदायिक फैलाव से बचाव के लिए हम डॉक्टरों को पीपीई उपकरण उपलब्ध कराएं.” उस खत में यह भी लिखा था कि “हम रेसिडेंट डॉक्टर काम की ऐसी परिस्थिति से डरे हुए हैं जिससे हमारे भीतर भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा हो रहा है.” 

डॉक्टरों की इन चिंताओं पर जब मैंने केजीएमयू प्रशासन से बात की थी, तो उसने पीपीई किट की कमी की बात से इनकार कर दिया था. वहां के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह ने मुझसे कहा था कि यूनीवर्सिटी के पास पर्याप्त संख्या में किट उपलब्ध हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जो डॉक्टर किट न होने की बात कर रहे हैं उन्हें “मालूम नहीं था कि किन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को किट की आवश्यकता है और किन को नहीं.”

पत्र में लिखा है, “कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों के उपचार में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु थ्री लेयर सर्जिकल फेस मास्क की नितांत आवश्यकता है.”. साभार : असद रिज़वी पत्र में लिखा है, “कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों के उपचार में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु थ्री लेयर सर्जिकल फेस मास्क की नितांत आवश्यकता है.”. साभार : असद रिज़वी
पत्र में लिखा है, “कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों के उपचार में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु थ्री लेयर सर्जिकल फेस मास्क की नितांत आवश्यकता है.”
साभार : असद रिज़वी

लेकिन जो पत्र केजीएमयू प्रशासन ने 27 मार्च को लिखा है वह “पर्याप्त किट होने” के विश्वविद्यालय प्रशासन के अपने ही दावे का खंडन तो करता ही है साथ ही डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति संकट की इस घड़ी में उसकी संवेदनहीना को भी दर्शाता है.

असद रिज़वी 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और देश के कई मीडिया संस्थानों के लिए लिखते रहे ​हैं.

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