जामिया यूनिवर्सिटी के एचओडी हफीज अहमद के दुर्व्यवहार पर छात्रों ने की कारवां से बात

15 फ़रवरी 2019
छात्रों ने कारवां से अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए.
छात्रों ने कारवां से अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए.

दिल्ली स्थित देश के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में फाईन आर्ट्स संकाय के एप्लाइड आर्ट विभाग के छात्रों ने एचओडी हफीज अहमद के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पिछले 15 दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर पर धरना दिया. धरने में सैकड़ों छात्र शामिल हुए. कल शाम जामिया प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों की सभी मांग मान लेने का आश्‍वासन दिया जिसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया. 

जामिया की फाईन आर्ट्स संकाय देश की शीर्ष संकायों में शामिल है. इसकी स्थापना 1951 में आजाद हिंदुस्तान के पहले शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद ने की थी.

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि एचओडी हफीज अहमद उनके साथ तानाशाहों जैसा व्यवहार और छात्राओं पर अश्लील टिप्पणी करते हैं. साथ ही छात्रों का दावा है कि एचओडी उनके साथ शैक्षिक भेदभाव भी करते हैं. आंदोलनकारी छात्रों को अन्य विभाग के छात्रों के अलावा देश की दूसरी यूनिवर्सिटियों के छात्रों का समर्थन भी मिल रहा है.   

“सर ने मेरे व्हाट्सएप पर मुझे ‘प्रिय, अप्पी और क्वीन’ कहकर मैसेज किया था. वह पूरे विभाग के हैड हैं, इसलिए मैं न तो उन्हें रोक सकती थी और न ही उनसे भिड़ सकती थी.”

कारवां ने कुछ छात्रों से बात की जिन्होंने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए.

मो. ताहिर शब्बीर कारवां के एडिटोरियल ट्रेनी हैं.

Keywords: student protest women Jamia Milia Islamia women’s rights student politics
कमेंट