2023 छत्तीसगढ़ चुनाव, एक नजर

01 दिसंबर 2023

छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ. यहां मौजूदा भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है जो विपक्ष में अपना पहला कार्यकाल पूरा कर चुकी है. इसके अलावा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, हमार राज पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टियों जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय दल भी मैदान में हैं. 33 जिलों के 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 1,181 उम्मीदवार भी अपनी तकदीर आजमा रहे हैं. 2.03 करोड़ मतदाताओं को फैसला लेना है. छत्तीसगढ़ में चुनाव एक जटिल मामला है. पेश है चुनाव के प्रमुख दलों, क्षेत्रों, उम्मीदवारों और निर्वाचन क्षेत्रों का एक ब्योरा.

उम्मीदवार

छत्तीसगढ़, जिसका गठन नवंबर 2000 में हुआ था, भारत के राज्यों में सबसे सीधा चुनावी इतिहास रखता है. अपने पहले तीन चुनावों, 2003, 2008 और 2013 में, बीजेपी ने लगातार लगभग पचास सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 37 से 39 सीटें जीतीं. बसपा और कम्युनिस्ट पार्टियों जैसी छोटी पार्टियों ने भी मुट्ठी भर सीटें जीतीं.

वोट शेयर में भी यही पैटर्न दिखता है. बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली इजाफा हुआ. बीजेपी लगातार मामूली अंतर से आगे रही. 2003 से 2013 तक बीजेपी का वोट शेयर 39.3 फीसदी से बढ़कर 42.3 फीसदी हो गया. इस बीच, कांग्रेस में भी 36.7 प्रतिशत से 41.6 प्रतिशत तक की समान वृद्धि देखी गई. इस दशक में क्षेत्रीय ताकतों, खासकर जीजीपी और अन्य दलों का क्षरण देखा गया, जिनकी प्रतिशत 19.6 से गिरकर 11.7 हो गया. इस बीच बसपा चार से छह प्रतिशत के बीच झूलती रही.

अभय रेजी कारवां की एडिटोरियल फेलो हैं.

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