कांग्रेस राम के नाम पर वोट नहीं मांगती : छत्तीसगढ़ पीसीसी प्रमुख दीपक बैज

23 नवंबर 2023
सौजन्य दीपक बैज/फेसबुक
सौजन्य दीपक बैज/फेसबुक

छत्तीसगढ़ में 2023 विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान 17 नवंबर को समाप्त हो गया. कारवां की स्टाफ राइटर निलीना एमएस ने बस्तर से विधायक और प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख दीपक बैज से बात की. बैज चित्रकोट से चुनाव लड़ रहे हैं. यह बस्तर में अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है. बैज ने 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में सीट जीती थी और 2019 में बस्तर से संसद के लिए चुने गए थे. उन्होंने कांग्रेस के अभियान और भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर चर्चा की, खासकर हिंदुओं के लिए इसके प्रयासों के बारे में जो भारतीय जनता पार्टी की हिंदुत्व की राजनीति जैसा दिखता है. इसके अलावा राज्य में आदिवासियों के भूमि-अधिकारों से संबंधित पार्टी की नीतियों पर भी चर्चा हुई, जिन्हें पार्टी ने बड़े वादों के बावजूद दरकिनार कर दिया है.

नीलिना एमएस : जिन सभी कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से मैंने बात की वे सभी चुनाव में पार्टी की जीत को लेकर बहुत आश्वस्त लगे. क्या यह आत्मसंतोष जैसी बात नहीं है?

दीपक बैज : कोई आत्मसंतुष्टि नहीं है. मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित हमारे सभी वरिष्ठ नेता यहां प्रचार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे प्रदेश में बैठकों में शामिल हो रहे हैं. मैं कहूंगा कि अभियान में कोई समस्या नहीं है.

नीलिना एमएस : किसानों के मुद्दे राज्य में अभियानों के केंद्र में रहे हैं. कांग्रेस ने इस बार किसानों के लिए योजनाओं पर क्यों फोकस किया है?

दीपक बैज : छत्तीसगढ़ किसानों की भूमि है. यहां खेती एक मजबूत स्तंभ है जो राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा योगदान देता है. इसीलिए हमने पिछले चुनाव में सत्ता में आने पर किसानों के लिए ऋण माफी और धान के लिए 2500 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य रखा था. इस बार भी हमने ऋण माफी और 3200 रुपए प्रति क्विंटल धान का एमएसपी लागू करने का वादा किया है.

निलीना एम एस करवां की स्टाफ राइटर हैं. उनसे nileenams@protonmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.

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